IPL शुरू होने वाला है… और ऐसे समय पर जब खिलाड़ी अपने गेम को फाइन ट्यून कर रहे होते हैं, तब एक बयान ने पूरा माहौल गर्म कर दिया है।
निशाने पर हैं अभिषेक शर्मा… और बोलने वाले हैं युवराज सिंह के पिता, योगराज सिंह।
बात सीधी है, लेकिन अंदाज थोड़ा सख्त—क्रिकेट से ध्यान हट रहा है, और यही सबसे बड़ी चिंता है।
वर्ल्ड कप के बाद उठे सवाल
टी20 वर्ल्ड कप में अभिषेक शर्मा से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उनका प्रदर्शन वैसा नहीं रहा।
8 मैचों में 141 रन… बीच-बीच में कुछ अच्छी पारियां जरूर आईं, लेकिन लगातार असर नहीं दिखा।
फाइनल में अर्धशतक ने थोड़ी तस्वीर बदली, लेकिन पूरे टूर्नामेंट की कहानी कुछ और ही रही।
निशाने पर आया खेलने का तरीका
योगराज सिंह को सबसे ज्यादा दिक्कत अभिषेक के खेलने के तरीके से है।
उनका मानना है कि सिर्फ बड़े शॉट्स पर भरोसा करना सही नहीं है।
क्रिकेट में टिकना है, तो हर तरह का खेल आना चाहिए—सिंगल, डबल, स्ट्राइक रोटेशन…
हर गेंद को छक्का बनाने की कोशिश हमेशा काम नहीं आती।
फोकस भटकने की बात
बात सिर्फ खेल की नहीं रही, अब फोकस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
योगराज सिंह ने साफ कहा कि आजकल खिलाड़ी क्रिकेट के अलावा दूसरी चीजों में ज्यादा उलझ जाते हैं—
पार्टी, सोशल मीडिया, रील्स… और यहीं से दिक्कत शुरू होती है।
जब ध्यान बंटता है, तो खेल भी वैसा ही दिखता है।
सलाह भी, चेतावनी भी
उन्होंने बताया कि वो कई बार अभिषेक को समझा चुके हैं।
मैसेज किए, बात की… लेकिन सिर्फ “जी सर” कह देने से कुछ नहीं बदलता।
अगर सच में आगे बढ़ना है, तो बदलाव दिखना भी चाहिए।
सख्त रूटीन की जरूरत
योगराज सिंह ने साफ कहा कि क्रिकेट में सफल होना है, तो जिंदगी भी उसी हिसाब से जीनी होगी।
रात जल्दी सोना, सुबह जल्दी उठना, लंबी प्रैक्टिस…
और सबसे जरूरी—पूरा फोकस सिर्फ खेल पर।
IPL से पहले दबाव बढ़ा
अब जब IPL 2026 शुरू होने वाला है और अभिषेक शर्मा सनराइजर्स हैदराबाद के लिए मैदान में उतरेंगे, तो ये बयान उनके लिए एक बड़ा संकेत है।
टैलेंट पर किसी को शक नहीं… लेकिन अब नजर इस बात पर है कि फोकस कितना मजबूत रहता है।
क्योंकि इस लेवल पर सिर्फ खेल नहीं, एटीट्यूड भी फर्क डालता है।
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